
रोया था कौन कौन मुझे कुछ ख़बर नहीं,
मैं उस घड़ी वतन से कई मील दूर था|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

रोया था कौन कौन मुझे कुछ ख़बर नहीं,
मैं उस घड़ी वतन से कई मील दूर था|
मुनीर नियाज़ी
Leave a comment