
नहीं सिर्फ़ ‘क़तील’ की बात यहाँ कहीं ‘साहिर’ है कहीं ‘आली’ है,
तुम अपने पुराने यारों से दामन न छुड़ाओ इंशा-जी|
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds

नहीं सिर्फ़ ‘क़तील’ की बात यहाँ कहीं ‘साहिर’ है कहीं ‘आली’ है,
तुम अपने पुराने यारों से दामन न छुड़ाओ इंशा-जी|
क़तील शिफ़ाई
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