
हर तरफ़ हर जगह बे-शुमार आदमी,
फिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

हर तरफ़ हर जगह बे-शुमार आदमी,
फिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी|
निदा फ़ाज़ली
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