
रोज़ जीता हुआ रोज़ मरता हुआ,
हर नए दिन नया इंतिज़ार आदमी|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

रोज़ जीता हुआ रोज़ मरता हुआ,
हर नए दिन नया इंतिज़ार आदमी|
निदा फ़ाज़ली
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