
दानाओं की बात न मानी काम आई नादानी ही,
सुना हवा को पढ़ा नदी को मौसम को उस्ताद किया|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

दानाओं की बात न मानी काम आई नादानी ही,
सुना हवा को पढ़ा नदी को मौसम को उस्ताद किया|
निदा फ़ाज़ली
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