
बिछड़ के डार से बन बन फिरा वो,
हिरन को अपनी कस्तूरी सज़ा थी|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

बिछड़ के डार से बन बन फिरा वो,
हिरन को अपनी कस्तूरी सज़ा थी|
जावेद अख़्तर
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