
वो जो लाया था हम को दरिया तक,
पार अकेले उतर गया कब का|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

वो जो लाया था हम को दरिया तक,
पार अकेले उतर गया कब का|
जावेद अख़्तर
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