
हमारे शौक़ की ये इंतिहा थी,
क़दम रक्खा कि मंज़िल रास्ता थी|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

हमारे शौक़ की ये इंतिहा थी,
क़दम रक्खा कि मंज़िल रास्ता थी|
जावेद अख़्तर
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