
वो खड़ा है एक बाब-ए-इल्म* की दहलीज़ पर,
मैं ये कहता हूँ उसे इस ख़ौफ़ में दाख़िल न हो|
‘Gate to knowledge’
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

वो खड़ा है एक बाब-ए-इल्म* की दहलीज़ पर,
मैं ये कहता हूँ उसे इस ख़ौफ़ में दाख़िल न हो|
‘Gate to knowledge’
मुनीर नियाज़ी
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