
एक दो रोज़ का सदमा हो तो रो लें “फ़ाकिर”,
हमको हर रोज़ के सदमात ने रोने न दिया|
सुदर्शन फ़ाकिर
A sky full of cotton beads like clouds

एक दो रोज़ का सदमा हो तो रो लें “फ़ाकिर”,
हमको हर रोज़ के सदमात ने रोने न दिया|
सुदर्शन फ़ाकिर
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