
अहल-ए-उल्फ़त के हवालों पे हँसी आती है,
लैला मजनूँ की मिसालों पे हँसी आती है|
सुदर्शन फ़ाकिर
A sky full of cotton beads like clouds

अहल-ए-उल्फ़त के हवालों पे हँसी आती है,
लैला मजनूँ की मिसालों पे हँसी आती है|
सुदर्शन फ़ाकिर
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