
तारीख़ में महल भी है हाकिम भी तख़्त भी,
गुमनाम जो हुए हैं वो लश्कर तलाश कर|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

तारीख़ में महल भी है हाकिम भी तख़्त भी,
गुमनाम जो हुए हैं वो लश्कर तलाश कर|
निदा फ़ाज़ली
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