
बहर-ए-हस्ती भी जिसमें खो जाए,
बूँद में भी वो बे-करानी है|
फ़िराक़ गोरखपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

बहर-ए-हस्ती भी जिसमें खो जाए,
बूँद में भी वो बे-करानी है|
फ़िराक़ गोरखपुरी
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