
सर-ब-सर ये फ़राज़-ए-मह्र-ओ-क़मर,
तेरी उठती हुई जवानी है|
फ़िराक़ गोरखपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

सर-ब-सर ये फ़राज़-ए-मह्र-ओ-क़मर,
तेरी उठती हुई जवानी है|
फ़िराक़ गोरखपुरी
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