
तुम न कर पाओगे अंदाज़ा तबाही का मिरी,
तुमने देखा ही नहीं कोई शजर शाम के बाद|
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
A sky full of cotton beads like clouds

तुम न कर पाओगे अंदाज़ा तबाही का मिरी,
तुमने देखा ही नहीं कोई शजर शाम के बाद|
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
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