
कश्ती मौजों में डाली है मरना है यहीं जीना है यहीं,
अब तूफ़ानों से घबरा कर साहिल का इरादा कौन करे|
आनंद नारायण मुल्ला
A sky full of cotton beads like clouds

कश्ती मौजों में डाली है मरना है यहीं जीना है यहीं,
अब तूफ़ानों से घबरा कर साहिल का इरादा कौन करे|
आनंद नारायण मुल्ला
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