
सर क़लम होंगे कल यहाँ उनके,
जिनके मुँह में ज़बान बाक़ी है|
राजेश रेड्डी
A sky full of cotton beads like clouds

सर क़लम होंगे कल यहाँ उनके,
जिनके मुँह में ज़बान बाक़ी है|
राजेश रेड्डी
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