
उसको मज़हब कहो या सियासत कहो,
ख़ुदकुशी का हुनर तुम सिखा तो चले|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

उसको मज़हब कहो या सियासत कहो,
ख़ुदकुशी का हुनर तुम सिखा तो चले|
कैफ़ी आज़मी
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