
चाँद सूरज बुज़ुर्गों के नक़्श-ए-क़दम,
ख़ैर बुझने दो उनको हवा तो चले|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

चाँद सूरज बुज़ुर्गों के नक़्श-ए-क़दम,
ख़ैर बुझने दो उनको हवा तो चले|
कैफ़ी आज़मी
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