
फ़र्क़ आ गया था दौर-ए-हयात-ओ-ममात में,
आई है आज याद वो सूरत कहाँ कहाँ|
फ़िराक़ गोरखपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

फ़र्क़ आ गया था दौर-ए-हयात-ओ-ममात में,
आई है आज याद वो सूरत कहाँ कहाँ|
फ़िराक़ गोरखपुरी
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