
अंधेरा ज़ेहन का सम्त-ए-सफ़र जब खोने लगता है,
किसी का ध्यान आता है उजाला होने लगता है|
वसीम बरेलवी
A sky full of cotton beads like clouds

अंधेरा ज़ेहन का सम्त-ए-सफ़र जब खोने लगता है,
किसी का ध्यान आता है उजाला होने लगता है|
वसीम बरेलवी
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