
फल तो सब मेरे दरख़्तों के पके हैं लेकिन,
इतनी कमज़ोर हैं शाख़ें कि हिला भी न सकूँ|
राहत इन्दौरी
A sky full of cotton beads like clouds

फल तो सब मेरे दरख़्तों के पके हैं लेकिन,
इतनी कमज़ोर हैं शाख़ें कि हिला भी न सकूँ|
राहत इन्दौरी
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