
पेशानी को सज्दे भी अता कर मिरे मौला,
आँखों से तो ये क़र्ज़ अदा हो नहीं सकता|
मुनव्वर राना
A sky full of cotton beads like clouds

पेशानी को सज्दे भी अता कर मिरे मौला,
आँखों से तो ये क़र्ज़ अदा हो नहीं सकता|
मुनव्वर राना
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