
तुझको अपना ही लिया आख़िर निगार-ए-इश्क़ ने,
ऐ उरूस-ए-चश्म ले मोती का गहना आ गया|
आनंद नारायण मुल्ला
A sky full of cotton beads like clouds

तुझको अपना ही लिया आख़िर निगार-ए-इश्क़ ने,
ऐ उरूस-ए-चश्म ले मोती का गहना आ गया|
आनंद नारायण मुल्ला
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