
पत्थरों वाले वो इंसान वो बेहिस दर-ओ-बाम,
वो मकीं कैसे हैं शीशे के मकाँ कैसे हैं|
राही मासूम रज़ा
A sky full of cotton beads like clouds

पत्थरों वाले वो इंसान वो बेहिस दर-ओ-बाम,
वो मकीं कैसे हैं शीशे के मकाँ कैसे हैं|
राही मासूम रज़ा
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