
ये चराग़ जैसे लम्हे कहीं राएगाँ न जाएँ,
कोई ख़्वाब देख डालो कोई इंक़िलाब लाओ|
राही मासूम रज़ा
A sky full of cotton beads like clouds

ये चराग़ जैसे लम्हे कहीं राएगाँ न जाएँ,
कोई ख़्वाब देख डालो कोई इंक़िलाब लाओ|
राही मासूम रज़ा
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