
आशिक़ी में ‘मीर’ जैसे ख़्वाब मत देखा करो,
बावले हो जाओगे महताब मत देखा करो|
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds

आशिक़ी में ‘मीर’ जैसे ख़्वाब मत देखा करो,
बावले हो जाओगे महताब मत देखा करो|
अहमद फ़राज़
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