
सूरज को चोंच में लिए मुर्ग़ा खड़ा रहा,
खिड़की के पर्दे खींच दिए रात हो गई|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

सूरज को चोंच में लिए मुर्ग़ा खड़ा रहा,
खिड़की के पर्दे खींच दिए रात हो गई|
निदा फ़ाज़ली
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