
अजब चराग़ हूँ दिन रात जलता रहता हूँ,
मैं थक गया हूँ हवा से कहो बुझाए मुझे|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

अजब चराग़ हूँ दिन रात जलता रहता हूँ,
मैं थक गया हूँ हवा से कहो बुझाए मुझे|
बशीर बद्र
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