
मैं जिसकी आँख का आँसू था उसने क़द्र न की,
बिखर गया हूँ तो अब रेत से उठाए मुझे|
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds

मैं जिसकी आँख का आँसू था उसने क़द्र न की,
बिखर गया हूँ तो अब रेत से उठाए मुझे|
बशीर बद्र
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