
जब से क़रीब हो के चले ज़िंदगी से हम,
ख़ुद अपने आइने को लगे अजनबी से हम|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

जब से क़रीब हो के चले ज़िंदगी से हम,
ख़ुद अपने आइने को लगे अजनबी से हम|
निदा फ़ाज़ली
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