
उस हुस्न का शेवा है जब इश्क़ नज़र आए,
पर्दे में चले जाना शरमाए हुए रहना|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

उस हुस्न का शेवा है जब इश्क़ नज़र आए,
पर्दे में चले जाना शरमाए हुए रहना|
मुनीर नियाज़ी
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