
ग़ैर से नफ़रत जो पाली ख़र्च ख़ुद पर हो गई,
जितने हम थे हमने ख़ुद को उससे आधा कर लिया|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

ग़ैर से नफ़रत जो पाली ख़र्च ख़ुद पर हो गई,
जितने हम थे हमने ख़ुद को उससे आधा कर लिया|
मुनीर नियाज़ी
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