
वीरानों से आ रही है आवाज़,
तख़्लीक़-ए-जुनूँ रुकी नहीं है|
अली सरदार जाफ़री
A sky full of cotton beads like clouds

वीरानों से आ रही है आवाज़,
तख़्लीक़-ए-जुनूँ रुकी नहीं है|
अली सरदार जाफ़री
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