
लिपट जाती है सारे रास्तों की याद बचपन में,
जिधर से भी गुज़रता हूँ मैं रस्ता याद रहता है|
मुनव्वर राना
A sky full of cotton beads like clouds

लिपट जाती है सारे रास्तों की याद बचपन में,
जिधर से भी गुज़रता हूँ मैं रस्ता याद रहता है|
मुनव्वर राना
Leave a comment