
कौन था तू कि फिर न देखा तुझे,
मिट गया ख़्वाब आँख मलते ही|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

कौन था तू कि फिर न देखा तुझे,
मिट गया ख़्वाब आँख मलते ही|
मुनीर नियाज़ी
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