
इक्कीसवीं सदी की तरफ़ हम चले तो हैं,
फ़ित्ने भी जाग उट्ठे हैं आवाज़-ए-पा के साथ|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

इक्कीसवीं सदी की तरफ़ हम चले तो हैं,
फ़ित्ने भी जाग उट्ठे हैं आवाज़-ए-पा के साथ|
कैफ़ी आज़मी
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