
गरेबाँ दर गरेबाँ नुक्ता-आराई भी होती है,
बहार आए तो दीवानों की रुस्वाई भी होती है|
क़तील शिफ़ाई
A sky full of cotton beads like clouds

गरेबाँ दर गरेबाँ नुक्ता-आराई भी होती है,
बहार आए तो दीवानों की रुस्वाई भी होती है|
क़तील शिफ़ाई
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