गुलफ़ाम से जल जाते हैं!

बच निकलते हैं अगर आतिश-ए-सय्याल से हम,
शोला-ए-आरिज़-ए-गुलफ़ाम से जल जाते हैं|

क़तील शिफ़ाई

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