मुमकिन है ख़राबों में मिलें

ढूँढ उजड़े हुए लोगों में वफ़ा के मोती,
ये ख़ज़ाने तुझे मुमकिन है ख़राबों में मिलें|

अहमद फ़राज़

Leave a comment