
रोज़ मिलने पे भी लगता था कि जुग बीत गए,
इश्क़ में वक़्त का एहसास नहीं रहता है|
अहमद मुश्ताक़
A sky full of cotton beads like clouds

रोज़ मिलने पे भी लगता था कि जुग बीत गए,
इश्क़ में वक़्त का एहसास नहीं रहता है|
अहमद मुश्ताक़
Leave a comment