
मुद्दत के बा’द उसने जो की लुत्फ़ की निगाह,
जी ख़ुश तो हो गया मगर आँसू निकल पड़े|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

मुद्दत के बा’द उसने जो की लुत्फ़ की निगाह,
जी ख़ुश तो हो गया मगर आँसू निकल पड़े|
कैफ़ी आज़मी
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