
साक़ी सभी को है ग़म-ए-तिश्ना-लबी मगर,
मय है उसी की नाम पे जिसके उबल पड़े|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

साक़ी सभी को है ग़म-ए-तिश्ना-लबी मगर,
मय है उसी की नाम पे जिसके उबल पड़े|
कैफ़ी आज़मी
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