
इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े,
हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े,
हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े|
कैफ़ी आज़मी
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