
बस अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उम्मीदो,
बहुत दुख सह लिए मैंने बहुत दिन जी लिया मैंने|
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds

बस अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उम्मीदो,
बहुत दुख सह लिए मैंने बहुत दिन जी लिया मैंने|
साहिर लुधियानवी
Leave a comment