जिन पे उन्हें आँसू बहाने चाहिएँ!

बार-हा ख़ुश हो रहे हैं क्यूँ इन्ही बातों पे लोग,
बार-हा जिन पे उन्हें आँसू बहाने चाहिएँ|

राजेश रेड्डी

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