
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है ,
उम्र गुज़री है तिरे शहर में आते जाते|
राहत इन्दौरी
A sky full of cotton beads like clouds

अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है ,
उम्र गुज़री है तिरे शहर में आते जाते|
राहत इन्दौरी
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