
दिलों की राह पर आख़िर ग़ुबार सा क्यूँ है,
थका थका मेरी मंज़िल का रास्ता क्यूँ है|
राही मासूम रज़ा
A sky full of cotton beads like clouds

दिलों की राह पर आख़िर ग़ुबार सा क्यूँ है,
थका थका मेरी मंज़िल का रास्ता क्यूँ है|
राही मासूम रज़ा
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