
दिल को सर-ए-उल्फ़त भी है रुसवाई का डर भी,
उसको अभी इस आँच में तपना नहीं आता|
आनंद नारायण मुल्ला
A sky full of cotton beads like clouds

दिल को सर-ए-उल्फ़त भी है रुसवाई का डर भी,
उसको अभी इस आँच में तपना नहीं आता|
आनंद नारायण मुल्ला
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