अब तेरा क्या हूँ मैं!

सदमा तो है मुझे भी कि तुझसे जुदा हूँ मैं,
लेकिन ये सोचता हूँ कि अब तेरा क्या हूँ मैं|

क़तील शिफ़ाई

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